भाग 13: दिल्ली वाली स्क्रीन
सुबह होने से पहले ही भैरवनाथ आश्रम देश की खबर बन चुका था।
पहाड़ी के ऊपर जहाँ रात को भजन, जयकारे और रोशनी थी, � read more >>
भाग 16: आवाज़ बनाने वाला
काउंटडाउन स्क्रीन पर चल रहा था।
**दस।**
**नौ।**
**आठ।**
काँच के उस पार पायल कुर्सी से बँधी थी। उसके सिर पर भारी हेडफ read more >>
भाग 18: आवाज़ शून्य
बिठूर मार्ग पर जाते हुए गंगा उनके साथ-साथ बह रही थी।
सुबह अब पूरी तरह खुल चुकी थी, पर धुंध अभी भी नदी से चिपकी हुई थी। read more >>
भाग 19: घुँघरू का रास्ता
गंगा के किनारे आग बुझ गई थी, लेकिन धुआँ अभी भी हवा में था।
गोदाम की काली दीवारों से राख झर रही थी। फायर ब्रिगेड � read more >>