मेरे पापा.....
एक आदर्श पिता के साथ-साथ एक ऐसे इंसान हैं जिस पर परिवार को ही नहीं , बल्कि पूरे समाज को गर्व हैं .... जो सरकारी पद से सेवानिवृत� read more >>
कभी पीछे मुड़कर देखता हूँ तो लगता है,
कुछ तो अधूरा रह गया इस सफर में...
जो अनुभव मिला,
जो सीख मिली,
जो अवसर मिले -
शायद उनका पूरा योगदान इस � read more >>
#कोयलांचल
वह भी क्या दिन थे जब भूगर्भ में जाते थे...
जब हाथों में लाठी, पैरों में भारी जूते होते थे,
सर पर हेलमेट, कमर में टॉर्च की बैटरी ब� read more >>
कोई हुई खुशियां वापिस नहीं मिलती
जो चला गया हो उसको दुबारा न तलाश कर,
जो चला गया हो वो तो अपना था ही नहीं,
जो है वो अपना है ,खुद को देख ,खुद read more >>
वह दौर था 1951 का,
कल्याणबीघा के गाँव में जन्मे थे जी।
बचपन से सपना लिए थे,
सुधारेंगे बिहार को एक दिन जी।
किस्मत को कुछ और मंजूर था,
पहुँच� read more >>