संदीप कुमार सिंह 07 Jul 2026 कविताएँ प्यार-महोब्बत मेरी यह कविता प्यार--मोहब्बत पर है जिसमें प्यार में प्रेमिका के प्रति समर्पण भाव को दर्शाया गया है. 835 0 Hindi :: हिंदी
जब प्यार किया तो डरना क्या, इसे कबूल सरेआम है करना। प्यार की चाहत जो भी हो, पूरा करना लाज़मी है। चाहे चांद_सितारे ही, क्यों न लाना पड़े। लाना अवश्य चाहिए, जब प्यार किया तो डरना क्या। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह*Author*
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....