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संदीप कुमार सिंह 06 Jul 2026 कविताएँ प्यार-महोब्बत मेरी यह मुक्तक कविता बहुत ही अद्भुत है. आप लोगों के दिल को छू जाएगा. 736 0 Hindi :: हिंदी

नज़र  को  नज़र  की  नज़र  न   लगे।
कोई   अच्छा   भी  इस  कदर  न  लगे।
तुझे  देखा  है  उस  नज़र  से  मैंने--
जिस  नज़र  से  तुझे  नज़र  न  लगे।।
(स्वरचित मौलिक)
संदीप  कुमार  सिंह*Author*

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