संदीप कुमार सिंह 07 Jul 2026 कविताएँ देश-प्रेम मेरी यह कविता देश-प्रेम पर आधारित है जिसमें हमें अपनी मिट्टी-अपने धर्म, अपने देश पर गर्व करने का पूर्ण अधिकार है. 736 0 Hindi :: हिंदी
हमें अभिमान है अपने वतन पर, हमें अभिमान है अपने वतनप्रस्ति पर। हमें अभिमान है अपने संस्कृति पर, हमें अभिमान है अपने गौरवशाली इतिहास पर। हमें अभिमान है अपने प्राकृतिक सम्पदा पर, हमें अभिमान है अपने भौगोलिक दशा पर। हमें सच्चाई का अभिमान है, हमें मानवता का अभिमान है। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह*Author*
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....