संदीप कुमार सिंह 07 Jul 2026 कविताएँ समाजिक मेरी यह सामाजिक कविता 'आरज़ू से कामयाबी' आप सभी को असीम आरजू रखने को कह रही है तब आप कामयाबी तक पहुँच सकते हो. 546 0 Hindi :: हिंदी
जब मन में हो आरज़ू, तो आरज़ू का ऊर्जा साथ रहे। जिससे हर पथ हम चलते चलें, खुशियों को जीवन में लाते चलें। हर मुश्किल आसान लगने लगे, आगे बढ़ने का जोश मिलने लगे। फिर वह दिन दूर नहीं होगा, जब कई कामयाबी साथ मिलेंगे। (स्वरचित मौलिक) संदीप कुमार सिंह*Author*
I am a writer and social worker.Poems are most likeble for me....