तारीखें तय कर , इम्तिहान अभी......और ....बेजार होंगे....!
मुश्किल में है ।
मुकद्दर के सिकन्दर का अब हर ख्वाब ...
अपने फैसले पर ज़रा ग़ौर कर.....! read more >>
दौलत ही दौलत बिखरी है ।
रास्तों पे,
खूबसूरत एक निर्माण और होगा
चाहत की वसीयत पे . क्या लिखु......?
अपनी मुहोबत की सुंदरता
जानती हो तुम.. ....... read more >>
हाथ की लकीरों में खज़ाने होते ।
तों मुकद्दर की क्या बिसात थी ।।
हर कोई शहंशाह होता !!
दुनियां में मेहनत पे .......
यकीन करने वालों की क्या औ� read more >>