तेरी बाहों ,में सोने कि चाहत ने,
मुझे ,
सरहद, का सिपाही बना दिया ।
उस मिट्टी के लिए ,
मै मिट्टी हो गया,
जिस,
मिट्टी को तुम अपनी 'माँ' कहते ह read more >>
एक वक्त, बहुत जरुरत थी ।
हमें ,उनकी
पर । वो भी
तमाशाबीन,
लोगों मै शामिल हो गए ।
समझाते ,
भी तो केसै किसी को भला ,यकीनन
दिल का दर्द ,भी तो ब read more >>
तारिफ करने का अन्दाज़ देखिए ।
उनका
जख्म नजरों के,
ज़ालिम
राज "दिल के दिल मे रह जाते है।
कुछ, कहे हम ,के
वो दोस्त ,
किसी ओर के बन जाते ह read more >>
खुद ,से नजर झुका के
आईन से मत ,पुछ - के खूबसूरत है ! क्या तू .....
कह ,दे 'अपने दिल से अपने' ,
के 'कोई तू भी,'
अपना मुकाम बना ले ।
फिर खुद जमाना कहे � read more >>
बडे ,असान से शब्दों मे ' उसने कहा -
"जरा पास तो बेठौ "
ओर
"आज कल "क्या करते हो ?
फिर
"एक टक निगाहो से देखने लगी मुझे "
ओर सन्नाट� read more >>