एक वादे,
मै ना बाध जिन्दगी को
एक धागे,
मे ना बाध ज़िन्दगी को
उडने दे ,
आसमान मै। एक परिन्दा सा
पहले ये,
दुनिया देख आऊ
फिर तेरी बाहो मे सोउ
बस इतनी सी तमन्ना है।
ना रोक मुझे ,
बहुत समय पहले की बात है रहमान चाचा के यहाँ एक चूहा रहता था. हर दिन की तरह उस दिन भी बाज़ार से गाँव लौटते वक़्त चाचा झोले में कुछ सामान लेकर � read more >>