Raj Ashok 27 May 2024 शायरी समाजिक प्यास .........! 29587 0 Hindi :: हिंदी
हुस्न वाले हुस्न तराशते है ।। दौलत वाले दौलत तलाशते है । सिकन्दर के जहां में..........! समुद्र में रहने वाले भी प्यास जानते हैं ।।
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Jai jai ho...