Raj Ashok 27 May 2024 शायरी समाजिक सच पता नहीं 35979 0 Hindi :: हिंदी
तब तुम पसन्द थे । या तुम्हारी , रूह पसन्द थी ।। मुहोबत,के उस मीठे अहसास का सच आजतक कुछ पता नहीं..........???
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Jai jai ho...