न जाने क्यों ....२२
नाराज सी रहती है।
आजकल है।..........
तू....?..........
बदल गए हैं हाव-भाव तेरे
दूर खड़ा मैं देखता हूं ।। यही
न जाने.............
तुझे जग वा� read more >>
जीवन की ये सच्चाईयां ।
हमेशा कुछ ना कुछ कह जाती है।।
अक्सर,हर बात वो अधूरी रहती है ।
क्यों............?
जीवन की इस डोर में अब रिश्तों के
धागे ब� read more >>
उस दिन,
यही सोच के मैं ना खुश था।
आखिर अर्थ क्या है ?
इस मेरी मेहनत का
ये ...... क्यों......??
कदम मेरे थका देती है ।।
अगर ,सबकी तकदीरें कलम
खुदा � read more >>