समझो, कुतरत का ये ईशारा,
रोको ,ना खुद को, बहने दो ,
है । ये प्रेम की घारा
जो सामने आया है।
वो मिलेगा जीवन मे दोबारा
ये जीवन सरस,, .......अमृत ह� read more >>
एक नजर ,जब उसे देखा
हल्की सी हंसी , होठों पर ठहर गई ।।
जिन्दगी के कुछ बिते पलो को जब याद कर ,पन्नों पर कुछ कुतेरने लगे ।
घीरे-घीरे वो काग� read more >>