कोई ऐसै कहे ...
जैसे .....।
हम ,रूठ गऐ ।।
दिल कहे ं
आके ,तेरी बाहों में , टुट गऐ ।....
हो........हो
बिखरा हुआ । ये आसमान
कब तक सितारो को ये छुपाऐगा ।
आ� read more >>
आके तेरा दवार देखु
माँ.......मे तेरा भवन
मे पहली बार देखु
माँ ......
मे तेरा भवन
हो ,,,,आके... 2..2.
तेरे भवन मे ऐसी, सुघी लगन
हो गया। यहाँ मे read more >>
एक घुंट शराब ,ओर मेरे रंगी ख्वाब
फिर बदले से दिल के हम नवाब,
हु........2
अब देखो जरा,
ये जानी-पहचानी सी कौन है।
मेरी सुबहाँ की अंगडाई मे,
मु� read more >>