हम,
मुहोबत की,
ऐसी ,..........,एक,
दुनियाँ मे, तेरे संग आ गए है । हो
वादे... प्यार के ..भी........ हम ,
न जाने कितने
निभा गऐ .....।
अब ,बदल ना अपना नूर ....
तेरी read more >>
अपनाने लगे है।
बदलते . रीति - रिवाज़
शौक .
बदल के जीना क्या... ?
यहाँ
खुद ब खुद बदल गए
सब, तौर तरीक़े
अब,किसी से शर्माना क्या....?
मत ढकिऐ,
ओ� read more >>
मंत पुँछ, नशें मे, ... ..
कैसे सालों तक मैं जीया ?
हवा मे उड़ते छल्ले से
ये घुंऐ के गुंबार
किस्मत की बेरुखी ,
और अपनो के तानों ने
ये नायाब श read more >>