ये, खावाईशो कि आंघीयाँ ले उडी़
बादशाहों की नींद,
और परिन्दों के घर........
दर-दर भटक रहै है। आज भी
मुहोबतों के वाशिन्दे ,
के, ऊमीद, मे उजड़ ग� read more >>
जीवन का .... शुरू ,सफर
अब है ......
पहला कदम, पहली ड़गर ....
अब है
सिख रहे है। चलाना ,योही ...
गिरते संभलते ।
नजरों के आगे ,जब अपनी माँ रहती है।
चले। read more >>
इतनी तो तेरी ,याद
आने वाली है। ..... .
इतनी तो तेरी,
याद......
पागल हो जाएगा ,अब
मन मेरा
के,सुघी ,अब
जाने वाली है।
इतनी....... तो तेरी ,याद
मेरे पा read more >>