Raj Ashok 27 Jan 2024 गीत प्यार-महोब्बत सावन 29324 0 Hindi :: हिंदी
कितना सुन्दर है । ये लम्हाँ
सासों मे मेरी ,महक के गुल खिले
तेरी बाहों मे कितने साँवन चले ।
मुहोबत की रोहो मे दिवान जले।
तेरी..........।
पास बैठा कर, तेरी सुरत पे मयूर पंख लखे
बना के तुझे अपनी साखी
तेरे सहारे चले। ।
कितना......
सासों.......
जमाने कि बातो से यू भटक के
नजरे क्यों ,तुम से हटा ले
जब जिन्दगी ही हो तुम
कितना.....
सासों......