Raj Ashok 27 Jan 2024 गीत प्यार-महोब्बत हद से 25614 0 Hindi :: हिंदी
चाहत ,ये मेरी झूठ बनी है।
मुहोबत ,ये मैंरी झूठ बनी है।
सरेआम,
बदनाम हुई है। सरेआम
चाहत मेरी....
आखो के आसू से , मेने दिल के
पैगाम लखे है।
तुझे बुलाने को सरे आम लिखे है।
दिवानी, ये तेरी झुठी बनी है।
दिल्लगी की तेरी झुठी बनी है।
सरेआम
बदनाम........
जुल्म सहे जमाने के
दिल की हर घड़कन ने
अहसास छुपके । हुई बदनाम खुलेआम
मुहोबत ये