अपने इस,दो दिन के इस प्यार में ...२
जीवन बसे हैं ! हजार.......!
हर मोड़ पे हम.......
फिर मिलें हैं।यार........!
अपनी मुहोबत, दुनिया देखें
अपना प्यार......!
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मैं दीवाना बना दूं तुझे
तेरे पास रह-रह कर -.......!
बांहों में तेरी गुजरो हर सुबह शाम
हूं मैं तेरा आशिक पगली
ये कह कर - कर...........!
मैं दीवाना........ read more >>
पर्व, अपना , ये पावन देखों .....!
मेरे भारत में सावन देखों.....!
रिमझिम- रिमझिम बारिश की
बुंदों में इठलाती - बतियाती
खिलखिलाती
सुन्दर - सुन्दर read more >>
हजारों खेल खेले हैं । हमने
इस बालू रेत पर.........!!
वो खेल आज की उलझनों से
अच्छे थे ।
बड़े नहीं उस वक्त हम बच्चे थे ।।
वक्त की उड़ान
और क्या - � read more >>