अभिनव ,
ये ,अभिमान बोलता है।
क्या यह हर क्षत्रिय की जुबान बोलता हैं ।।
हर प्रण में .....!
युद्ध और रण में......
नारी का स्वाभिमान बोलता है।।
म read more >>
तुझे से कुछ कहने का,
यारा,
मन हो रहा है।।
आज , सावन ये
मधुर -मधुर बारिश में
तन- बदन और मन
ये भींगो रहा है।।
तुम से कुछ.....!
अब जीवन खुशियों � read more >>