Raj Ashok 29 May 2024 शायरी समाजिक राहत 30820 0 Hindi :: हिंदी
तेरे फसलों को कबूल करते-करते अब दिल की चाहत खत्म हो गई। ना मालूम क्यों.......... पर अब राहत खत्म हो गई ।।
Login to post a comment!
Jai jai ho...