मुसाफिर के चलने से रास्ते बदल जायेगे ।
आज गिरे है तो कल फिर उठ जायेगे ॥
हार के सब कुछ ' हम फिर से मुस्कायेंगे ।
मगर तुमने जो छोड़ा तो फिर � read more >>
* सुप्रभात *
समय से पल कुछ ,
इस तरह से पिघला...!
रात गुजर सी गई ,
धीरे से दिन निकला...!
पर इस चीज को यहां ,
कोई नहीं पाए बतला...!
सवाल बहुत ही , read more >>