Shakuntala Sharma 30 Mar 2023 कविताएँ अन्य # हौसले बुलंद हैं# जख्मों से उभर जायेगे ।# हार# तकदीर# वक्त की मार 81761 0 Hindi :: हिंदी
मुसाफिर के चलने से रास्ते बदल जायेगे ।
आज गिरे है तो कल फिर उठ जायेगे ॥
हार के सब कुछ ' हम फिर से मुस्कायेंगे ।
मगर तुमने जो छोड़ा तो फिर हम किधर जायेगे ॥
गैरो की बस्ती में वफा नही ये पल में बदल जायेगे भरोसा तो खुद कर हम मोती से निखर जायेगे। ।अपनी तकदीर पर रख यकीन" शकुना " बस।।
कांटों की चुभन को सहकर पार उतर जायेगे।।
गम ना कर जाने वाले लौटकर आते नही दोबारा ।
हालात और वक्त की मार है। वक्त से जीत जायेगे
रास्ते पथरीले और तन्हाई दोनों बहुत तड़पायेगें ।
हौसले बुलंद हो तो जख्मों से भी उभर जायेंगे ॥
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शकुन्तला शर्मा "
I am a teacher and a housewife. My Education M.A.My hobby is reading, teaching, writing etc. I am al...