Shubhashini singh 30 Mar 2023 कविताएँ अन्य Google /Yahoo/Bing /instagram/Facebook/twitter 69356 0 Hindi :: हिंदी
बेटी मां बाप की लाड दुलारी बेटी हर आंगन को चहकाने वाली बेटी हर परिस्थिति में साथ निभाने वाली बेटी अपनो के लिए अपनी खुशी कुर्बान करने वाली बेटी फिर भी लडकियां बोझ मानी जाती है गैर तो दूर अपने ही घर में पराई मानी जाती बेटी को उसकी मर्जी के बिना उसे अनजान के हाथ सौंप दिया जाता जहां लोग उस पर अत्याचार ढाते है और उसे उसकी किस्मत का नाम दे दिया जाता एक बेटी होना जितना मुश्किल है उससे भी ज्यादा मुश्किल उस बेटी का पिता होना क्या बितती होगी उस बाप पर जिसने अपनी नन्ही से परी को पाल पोश के इतना बड़ा किया क्या बितती होगी उस मां पर जिसने अपनी कोख में नौ महीने पाला वो मां बाप अपनी बेटी की ये दशा भला कैसे देखते होंगे मेरी एक गुज़ारिश है आप लोगो से एक बेटी को राजकुमारी ना सही पर उसे उस घर का हिस्सा माने अपनी बेटी बहू को अपने दिल का हिस्सा माने एक बेटी या बहू दौलत की नहीं आपके प्यार की भूखी होती है उन्हें वो प्यार वो सम्मान दिया जाए वो बहू हो या बेटी उसे उसका अधिकार दिया जाए उसे उसका प्यार दिया जाए....