Chinta netam " mind " 30 Mar 2023 कविताएँ अन्य 62581 0 Hindi :: हिंदी
* सुप्रभात *
समय से पल कुछ ,
इस तरह से पिघला...!
रात गुजर सी गई ,
धीरे से दिन निकला...!
पर इस चीज को यहां ,
कोई नहीं पाए बतला...!
सवाल बहुत ही ,
सहज और सरल था...!
पहले अंडा आया था ,
कि यहां चूजा निकला...?
चिन्ता नेताम " मन "
डोंगरगांव (छत्तीसगढ़)