वो कहते थे कि हम उनकी जान हैं।
पर आज पता चला कि हम छोडी़
हुई एक झुठी फ रियाद हू़ँ।
थमा था हाथ ऊमर
भर कि
निभा ना सके एक पल कि
ना वो आऐ ना उ� read more >>
मुझे तुम रोकते क्यों हो....?
मुझे तुम टोकते क्यों हो...?
मैं जिद्दी हूं मंजिल पाने को
देख कर मुझे चौक ते क्यों हो...?
एक आईना सा हूं साफ-स� read more >>
शायर का ये जो, ख़िताब है !
मेरे उस्ताद मेरे हालात हैं !
तालीम से रहा महरूम !
गम बेहिसाब है !
गमों ने ही नवाजा ये ख़िताब है !
तजुर्बा ए दौलत read more >>
अपनी आँखों से गर देखो !
तो कुछ नजर भी आए !!
पड़े पर्दे गर हटाओ !
तो कुछ नजर भी आए !!
तीरगी काजल जो लगाया !
मेरे दुश्मनो ने तेरी आँखों में !!
गर ढ read more >>
माँ की ममता है अनमोल !
इसका न है कोंई मोल !!
प्यार को तेरे जान न पाया !
खोकर तुझको फिर पछताया !!
सांसो की देकर डोर !
लिया न हमसे कोई मोल !!
माँ read more >>