Join Us:
दिशा-लाइव ग्रुप ने लॉन्च किया नया ब्रांड BizPry - लोकल से ग्लोबल तक 20 मई स्पेशल -इंटरनेट पर कविता कहानी और लेख लिखकर पैसे कमाएं - आपके लिए सबसे बढ़िया मौका साहित्य लाइव की वेबसाइट हुई और अधिक बेहतरीन और एडवांस साहित्य लाइव पर किसी भी तकनीकी सहयोग या अन्य समस्याओं के लिए सम्पर्क करें
VISPOT IN SPACE That day was 18 August 2085. I had to go for research in space. I was very happy. Today my dream was coming true, I was thinking while sitting in the space shuttle, then thunderous applause started coming from outside. And the space shuttle was launched, I was moving towards space very fast. Now I had to go far away, probab read more >>
झिलमिल झिलमिल खल खल करके मैं आई हूं बतलाती है। नाम से है वह नदी सागर की बहन कहलाती है। कोमल शीतल जल है मेरा प्यासों की प्यास बुझाती हू read more >>
जिंदगी की किताब पलटी तो कुछ पन्ने गायब थे , सोंचा जोड़ दूँगा जहाँ के पन्ने रिक्त थे , लेकिन मजबूरी ये थी वो खुशियों गमों के मामलों में सख� read more >>
प्रकृति के पंचांग में, शरद ऋतु है ख़ास। शुरू होते ही लगाते, अपने-अपने कयास। सजने- संवरने बैठती, लगते कार्तिक मास। धीरे-धीरे खुदरंग मे� read more >>
किसी की पहचान उसकी सोच से होती है।। 2।। जिसकी नियत सही उसको जन्नत मिलती है। read more >>
ये कुछ शब्द नहीं, मेरी भावनाएं हैं। यह मन में उठती गिरती,लहरों भाँती होती हैं। उकेर देती कभी कभी, गहरी मन की मलाल को। कभी-कभी प्रसन्न क� read more >>
आज का चांद हैं इतना खूबसूरत, खूबसूरती नजर नहीं आ रही इधर उधर, क्या उसने चुराई हैं तेरी खूबसूरती, जो तू इतरा रही इधर उधर। read more >>
उल जुनून की बातें हमसे ना होगी, हम तो हैं वह राहगीर, जिसका आगे बढ़ना ही फितरत होगी। read more >>
घाब भी अपना दा ओ भी अपना जो दिया वो हाथ भी अपना ! हवा के रुख मोड़ दो या नव के दिशा बदल दो जीने के लिए लड़ना होगा या फिर जीना छोड़ना होगा !! ए read more >>
मुलाकात होती तू होती तो कुछ बात होती नजरों से नजरों की मुलाकात होती ! रूह रूह से मिलता हमारी मोहब्बत साकार होती !! तू होती तो हमारा � read more >>
रात के तन्हाई में आश्मान में चाँद तारे और सितारें जग मग जग मग टीम टीम करता जुगनू बहु तेरे! मदहोशी में मदहोश अलवेला अल्हड मौसम वसंत� read more >>
किस बात कि अकड़ हैं जो इतना तू अकड़ती हैं! शीशे का तेरा बदन हाथ लगे तो टूट जाएं किस बात की रोष हैं जो इतना तू धधकती हैं!! मैंने तुम को दे� read more >>
Join Us: