Shiwani vishwakarma 30 Mar 2023 कविताएँ अन्य भावनाएं, शब्द कुछ 110461 0 Hindi :: हिंदी
ये कुछ शब्द नहीं, मेरी भावनाएं हैं। यह मन में उठती गिरती,लहरों भाँती होती हैं। उकेर देती कभी कभी, गहरी मन की मलाल को। कभी-कभी प्रसन्न कर देती, मन के आंचल को। यह कुछ शब्द नहीं, मेरी भावनाएं हैं। इन पर ना किसी का हस्तक्षेप, ना किसी का दबाव। उमड़ आते इस चंचल मन में, सोचकर कुछ विचार। पल पल उठती गिरती रहती, ज्वार -भाटा समान। कुछ व्यक्त होते,कुछ अव्यक्त रह जाते। ये शब्द नहीं मेरी भावनाएं हैं।