बारिश का मोसम था हर तरफ पाणी बिखरा हुआ था हम बच्चे कंपनी पाणी में खेल रहे थें हमारे घर के पिछे बड़ा सा निम, पिपल के बडे़ से पेड थे हम पाणी � read more >>
आश किरण कहलाती
क्या है ये? जो सबै ताकत का मूल,
इससे तो काँटे भी बने फूल।
ये तो दुःख को भी सुख कह बतलाती,
ये आशा किरण कहलाती।
जब खुशी के आ� read more >>
यू तो आज बहुत खुश हूं मे,
पर थोड़ा- सा उदास भी हूं मे |
आज खाली बैठे - बैठे सोच रहा हूं ,
मे जी रहा हूं या फिर मर रहा हूं |
मेरा आज खुद से ये सवा read more >>