Raj Ashok 11 Apr 2023 कविताएँ अन्य जिन्दगी 31609 1 5 Hindi :: हिंदी
फिक्रमन्द ज़िन्दगी ,
मुझे आइने ना दिखा ।
है । एक , सच छुपाना मुझें ,
सीने मे,
इस राज को,
तु भी एक राज बना।
बदलते है। लोग तो बदलने दै।
जीने कि कोई, ओर राह बना ।
देख ,बहाने मिल ही जाऐगे।
फिर से, मुस्कराने के ।
लोग मिलेगे ,आजमाएगे ।
राहे है। सुनसान तो क्या
चलते चले जाऐगे ।