Ritu raj singh 30 Mar 2023 कहानियाँ अन्य 51975 1 5 Hindi :: हिंदी
जिंदगी की किताब पलटी तो कुछ पन्ने गायब थे ,
सोंचा जोड़ दूँगा जहाँ के पन्ने रिक्त थे ,
लेकिन मजबूरी ये थी वो खुशियों गमों के मामलों में सख्त थे ,
अब खुशियों की हर पन्नों पर उपस्थिति नहीं होती ,
डायरी बहुत खूबसूरत हो ये सबकी स्तिथि नहीं होती ।
फिर भी कोशिश की इसपर लिखता रहूँ इसके रूप बदलने से हटा लूँ ,
इसे सहेज कर रखूं इसे रद्दी बनने से बचा लूँ ।
इसमें बहुत खट्टी मीठी यादों के कारनामे हैं ,
क्या करें साहब उन दिनों के हम आज भी दीवाने हैं .....
🌹🌹🌹🌹🌹 ,, रितु राज सिंह,,🪷🪷🪷🪷🪷
3 years ago