Shiwani vishwakarma 30 Mar 2023 कविताएँ अन्य चांद, इधर-उधर 40728 0 Hindi :: हिंदी
आज का चांद हैं इतना खूबसूरत, खूबसूरती नजर नहीं आ रही इधर उधर, क्या उसने चुराई हैं तेरी खूबसूरती, जो तू इतरा रही इधर उधर।
Login to post a comment!
College student...