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ग़ज़ल
उजालों से अंधेरों मे बदल गए लोग
उजालों से अंधेरों मे बदल गए लोग फितरत के मुताबिक ढल गए लोग सुलगते शोलों के मानिंद थे कमजर्फ थोड़ी हवा लगी और जल गए लोग मैदाने जंग मे �
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तेरे खावों ख्यालों की दुनियाँ हूँ मैं
तेरे खावों ख्यालों की दुनियाँ हूँ मैं शाम है तू,उजालों की दुनियाँ हूँ मैं जबाब मयस्सर हों तो आना कभी अनगिनत सवालों की दुनियाँ हूँ मै�
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वो कोई दरवेश या कलंदर है तो मैं क्या करूँ
जितना बाहर उतना अंदर है तो मैं क्या करूँ वो अगर दरिया या समंदर है तो मैं क्या करूँ अपने मिज़ाज का मैं भी अड़ियल फकीर हूँ अपने मिज़ाज क
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कब्र के अंधेरों मे गलता रहा इंसान
गुनाहों की गौद मे पलता रहा इंसान सदी दर सदी यूहीं ढलता रहा इंसान मिट्टी के कीड़ों ने हड्डियां भी न छोड़ीं कब्र के अंधेरों मे गलता रह�
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लापता काफिलों की एक कश्ती को किनारों से
लापता काफिलों की एक कश्ती को किनारों से बचाकर लाए हैं बमुश्किल हस्ती को किनारों से बुनियादों के सिवा कुछ भी बाकी नही बचा था दरियाफ्�
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दोस्ती
इसलिए आज मेरे सर पे कोई तारा ही नही मेरी किस्मत को किसी ने भी सबारा ही नही । बो भी खुद्दार थी उसने मुडकर देखा ही नही मे भी जिद्दी थी मेन�
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Kastiyon k samundar me utar jane k bad
कश्तियों के समुंदर मे उतर जाने के बाद काफिला पलटता नही गुजर जाने के बाद अपने गुनाहों की तौबा कर चुका हूँ अब मुश्किल है बिगड़ना सुधर ज
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parwat k sine ko do fad kar do tum
शेर की तरह बुंलद दहाड़ कर दो तुम पर्वत के सीने को दो फाड़ करदो तुम तूफान तिनको की तरह उड़ाने आएंगे जमा दो पैर,खुद को पहाड़ करदो तुम ज�
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muhabat k mare hum wha bhi the yha bhi hain
मुहब्बत के मारे हम वहाँ भी थे यहाँ भी हैं गर्दिशों के तारे हम वहाँ भी थे यहाँ भी हैं सोचते थे यहाँ तकदीर बदल जाएगी मगर किस्मत के हारे �
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na Kuch paya na kuch khoya dagar me
ना कुछ पाया ना कुछ खोया डगर मे ता उम्र चला दिवानों की तरह सफर मे मुड़कर उसने भी राहे सफर बांध लिया पलट कर जा चुका था मैं भी नगर मे छुपक�
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Aasmaan sar pe utha lo magar Ahatram k sath
मुद्दा कोई भी उछालो मगर एहतराम के साथ आसमां सर पे उठालो मगर एहतराम के साथ चलते भी रहो और सांस भी ना फूले ऐ दोस्त दौड़ने का हुनर पालो मग
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na mein darpan hu na tum darpan ho e dost
ना मैं दर्पण हूँ ना ही तुम दर्पण हो ऐ दोस्त ना मै ईश्वर हूँ ना ही तुम अर्चन हो ऐ दोस्त प्यार वफ़ा इंसान और इंसानियत के प्रति ना मैं अर्�
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