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आमचा देव दगडाचा नाही, आम्ही दगडात देव पाहणारी माणसं आहोत.... read more >>
ना वह समझे.... ना मैं कुछ उन्हें....समझा पाया... वह गिरे शक की खाई में जाकर ऐसे कि ना....मैं.....उन्हें उठा पाया.... बिखरते रहे ईट पर ईट शब्दों के फ� read more >>
बियाबान है जंगल यहाँ कोई सदा नही है दम सा घुटता है अब कहीं भी हवा नही है खमोशी से आकर छा गए सब और अंधेरे उजाले लापता हैं और कोई गवाह नही read more >>
सरे आईना जुदा रहा कोई,पसे आईना छुपा रहा कोई अपने अकल ऐ तसब्बुर मे,सारी उमर खुदा रहा कोई जहन से मिट गया मेरे मगर,दिल पे कही गुदा रहा कोई read more >>
अपनी सदाकत के अरकान नही मरने दिए जमीन मे मिल गये अरमान नही मरने दिए अपने अंदर के जलजलों को रवां दवां रखा अपने ख्यालातों के तूफान नही read more >>
तेरे इश्क़ में एक पागल लड़की, तेरा ख्वाब लिये बैठी हैं। तुम कहीं और जा रहे हो, वो तुम्हारे इंतेज़ार में नैन भीगोयें बैठी हैं।। read more >>
कौन करे इस मसले मे बात हमारे मन की न दिन हमारे मन का न रात हमारे मन की कुछ नही था ऐसा,सोच रखा था जैसा,ना मेघ हमारे मन के न बरसात हमारे मन क read more >>
हक दोस्ती का अदा रिश्तों की तरह कर तू इबादत कर तो फरिश्तों की तरह कर एकमुश्त ना चुका ये कर्ज मुहब्बतों का थोड़ा थोड़ा अदा,किश्तों की � read more >>
उसे देखकर आखिर क्यों मचल जाता जब वो नही बदला मैं क्यों बदल जाता वो चराग होकर भी जल न सका कभी मैं दियासलाई होकर क्यों जल जाता तेरी बेम� read more >>
पंसद नही हैं अगर तो भुला दे हमको या मौत की गहरी नींद सुला दे हमको माजूर हैं,भूखे भी,हमें तरकीबें न सुझा खाना खिला या जहर पिला दे हमको � read more >>
तूने जो कही थी मन मे वो बात दबी है अबतक दिन के उजालों के पांव तले रात दबी है अबतक अछूतों से मतलब की वो बात तो हंसकर करते हैं कुंठित जहन म read more >>
रोने के दिन वापस आ गए क्या खुशियों पे अंधकार छा गए क्या जंगल जंगल किसको ढूंढ रहे हो ये जंगल तुमको भी भा गए क्या उत्पात मचाने वाले बे� read more >>
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