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कहीं दूर से आवाज है आई, कभी तो अपने लिए जी ले मेरे भाई। खुद को नीलाम कर जो जमा की है तूने पाई -पाई, एक दिन दुनिया छोड़ चला जाएगा तू, यही रह � read more >>
स्त्री इतनी क़ैद है कि उसके चारों ओर नज़रें हैं, दीवारें हैं, रिश्तों के नाम पर लगी हुई ज़ंजीरें हैं। हर सुबह वह उठती है, सबके लिए चाय � read more >>
कहीं एक खालीपन था, जो भर नहीं पाया, एक चेहरा अपना–सा था, जो सच में अपना बन नहीं पाया। सुबह की पहली धूप में भी तेरी ही कमी सी लगी, भीड़ के ब� read more >>
साहित्य का श्रृंगार शब्दों से होता है ! और आज का नौसिखिया कवि कविता के नाम पर सिर्फ तुकबंदी बोता है !! बेहूदा चुटकुले और मंच की नौटंकिय� read more >>
जंगल की पगडंडी पर, एक दूब-सा कोमल बालक, सूखे पत्तों की सरसराहट में सपनों का गूंथता था मालक। मगर सपने उसके छोटे न थे, ना डराए उसे कोई तू� read more >>
पडौसी से ऊंचा, मकान कर रहा है नहीं जितना उतना गुमान कर रहा है किसी को किसी का, सुहाता नहीं सुख आदमी, आदमी को, परेशान कर रहा है कोई कीमत ग read more >>
इंस्टाग्राम अति न्यारा सबके मन का राज दुलारा है ! लड़कियों को भा रहा इसलिए लड़कों का प्यारा है !! • विशाल शुक्ल read more >>
अब चलो उस शाम की बात करें, जब बारिश में भीगते हम मिले। तुम्हारी आँखों में चमक सी थी, जैसे तारे रात भर जागे।हाथों में हाथ डाल चल पड़े, गल� read more >>
सपनों सी लगती थी वो शाम, जब पहली बार देखा तुम्हारा नाम। दिल ने ऐसे धड़कन छेड़ी, जैसे किसी ने खुशियों की बात कही।हवा में खुशबू बस तुम्हा read more >>
खामोशी भी कुछ कहती है, बस सुनने वाला चाहिए, हर थकी हुई सांस में, एक उम्मीद वाला चाहिए। जब रात बहुत गहरी होती है, और अंधेरा डराता है, तभी क� read more >>
निराशावादी इंसान तो हर मौके में कमी ही ढूँढ़ता है, जैसे जीवन ने उसके रास्ते में सिर्फ़ मुश्किलें ही बो दी हों। कदम-कदम पर डर, मन में अँ read more >>
थक गया था दिल पुराने ज़ख्मों के हिसाब से, फिर भी हर सुबह उठा किसी जज्बात से। आँखों में सपने थे, हथेली में छाले थे, रास्ते तो मुश्किल थे, � read more >>
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