MD SHAYEED ALAM 29 Nov 2025 कविताएँ समाजिक कविता कहीं दूर से आवाज आई 5708 0 Hindi :: हिंदी
कहीं दूर से आवाज है आई, कभी तो अपने लिए जी ले मेरे भाई। खुद को नीलाम कर जो जमा की है तूने पाई -पाई, एक दिन दुनिया छोड़ चला जाएगा तू, यही रह जाएगी तेरी कमाई। तो निकाल फेक ज्यादा कमाने की इस लालच को, जो है तेरे दिल में समाई। एक दिन दुनिया छोड़ चला जाएगा तू, रह जाएगी यही तेरी कमाई। भविष्य को लेकर क्यों परेशान है मेरे भाई, जी ले अपनी जिंदगी को जी भर के, अब छोड़ दे ज्यादा कमाने की लड़ाई ।।