विशाल शुक्ल 28 Nov 2025 कविताएँ अन्य साहित्य 10836 0 Hindi :: हिंदी
साहित्य का श्रृंगार शब्दों से होता है ! और आज का नौसिखिया कवि कविता के नाम पर सिर्फ तुकबंदी बोता है !! बेहूदा चुटकुले और मंच की नौटंकियों ने कविता पर अपना अधिकार कर लिया है ! श्रोताओं ने भी मय तालियों के इसे सहर्ष स्वीकार कर लिया है !! बीत गया वो समय जब हम शान से कहते थे… साहित्य समाज की पीड़ा ढोता है ! कैसे कह दूं ये झूठ आज कि साहित्य समाज का दर्पण होता है !! • विशाल शुक्ल