हम सोच- समझकर कुछ लिख देते हैं
माता- पिता ही नहीं बल्कि सब अच्छे लगते हैं
न कहता हूं कुछ, न बोलता हूं बोल बड़े
देखोगे तुम हमे और तालियां � read more >>
शहर से निकले कि वे शहर हो गए ,
घड़ी भर न संग ले बेखबर हो गए।
अब तो पूछा किये किस गली में हो तुम,
हर अंधेरे से बढ़कर रोशनी हो गए।
शायद नहीं थ read more >>
झुका के चल इन कातिल निगाहों को महज़|
तेरी नजर के शोलों से जमाना जल रहा है|
तू नैनों की बिजली को पलकों में बन्द कर ले,
शमाँ तेरी इस आग से पर read more >>
ओ बीते दिनों की बातें मुझे रुलाती है बार - बार
जाने कितना सताती है बार - बार
भूल कर भूला न पाती हूं बार - बार
एक बात दिल में रह - रहकर आती है read more >>
तुम्हारे चित्त मे छल बसा है ,मगर मुझे यकीं नही है |
हर सांस तेरी मेरी दिल की धड़कन,मगर तुम्हें यह पता नहीं है ||
तुम्हारे चित्त मे छल बसा है read more >>