आज भी मेरा सीना भले ,तेरे ,नाम का होगा,।
पर मेरा ,जीना , अपने स्वाभिमान का होगा,।।
बिखरे सीसे की क्या ,?भनक सुनते हो,।
टुकड़ों में देखना ,ज़ read more >>
मेरे मन की तू आवत्री, मेरे घर की तू सावत्री
कभी निंदो में आती है, कभी बातो में बहाती है|
नजर अंदाज कर सोचे तो तेरी याद आती है
कभी तू तन को � read more >>