ए शारदा माँ झूठ बोलने की मुझे कला दे दो !
भेद सके न जिसको सच,ऐसा मुझे कवच दे दो !!
सच सुनने की अब, किसी को आदत नहीं ।
सच कहने की अब,जुबां में read more >>
कलम में इतनी धार दे !
ऐ माँ शारदे,ऐ माँ शारदे !!
कलम से निकले अलफाज !
वक्त ए हकीकत हो जाए !!
बात में हो वजन इतना !
हर शब्द किताब हो जाए !!
कलम मे� read more >>
सपने दिखाकर हमको !
नींदो पे डाका डाला !!
बातों की देके रोटी !
खा गए हमारी बोटी !!
देखी है इनकी रहमत !
ऐसी है इनकी ख़िदमत !!
लूट रही है देखो !
ब� read more >>
गम से वाकिफ़,खुशी से अनजान हूँ !
जी रहा हूँ जिन्दगी से अनजान हूँ !!
ये गम है तो हम है
खुशी कि खुशी से
निकलेगा दम है
गम के सांये में जिन्द� read more >>