Vipin Bansal 30 Mar 2023 कविताएँ धार्मिक #हकीकत 76970 0 Hindi :: हिंदी
कलम में इतनी धार दे !
ऐ माँ शारदे,ऐ माँ शारदे !!
कलम से निकले अलफाज !
वक्त ए हकीकत हो जाए !!
बात में हो वजन इतना !
हर शब्द किताब हो जाए !!
कलम मेरी गांडीव हो !
शब्द दिव्यास्त्र हो जाए !!
जो तीर निकले कमान से !
वो दिल के पार हो जाए !!
लिख रहा हूँ लेखनि !
पत्थर ए लकीर हो जाए !!
हर शब्द श्लोक हो !
कलम कृष्ण हो जाए !!
कलम में इतनी धार दें !
ऐ माँ शारदे,ऐ माँ शारदे
विपिन बंसल