नियति का न कोंई तोड़ !
नियति जब खोले पोल !!
हवस की गठरी भर नहीं पाए !
कर्म की लेखी मिट नहीं पाए !!
कर्म के जैसे बीज लगाए !
फूट के वो ही बाहर आए read more >>
नफरत की फसल तुझको !
अब और न बोने देंगे !!
इन हसीं वादियों को !
वीरां न होने देंगे !!
तेरे नापाक मंसूबो को !
साकार न होने देंगे !!
तेरी कठपुत� read more >>
सही को सही बताने में !
क्यों इतना हिचकिचाते हो !!
गर उड़ान भरी विश्व गुरू की !
क्यों पर कतरना चाहते हो !!
धारा 370 हटाकर !
नहीं हुआ महापाप !!
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नेता जी की देखो !
क्या ग़ज़ब की बात !!
जीतने से पहले सेवक !
जीतते ही सरताज !!
नेता जी की देखो !
क्या ग़ज़ब की बात !!
याचक बनकर घर-घर जाँए !
भि� read more >>
आगे बढ़ने की चाह !
और पीछे जा रहा है !!
आदम से आदमी !
आदमी से सभ्य !!
सभ्य से आदम !
हुआ जा रहा है !!
आदम का यह कारवां !
चांद पर जा रहा है !!
रफ़्� read more >>
महंगाई का अजगर
रसोई को खा रहा है !
रसोई की थाली से स्वाद
रफ़्ता - रफ़्ता गायब हुआ जा रहा है !
महंगाई का अजगर
रसोई को खा रहा है !
पहले कोरो� read more >>
नक़ाब से ढ़का चेहरा !
हकीकत से जुदा चेहरा !!
शराफत में छिपा चेहरा !
चेहरे पे नया चेहरा !!
झूठी शान रंगा चेहरा !
सच से अब डरा चेहरा !!
आडंबरो� read more >>
कवि की न तुम कल्पना !
शायर की न शायरी !!
सूरज की न तुम किरणें !
चाँद का नूर नहीं !!
आँखे देख सब भूल गई !
किस नूर का तुम नूर हो !!
मधुशालाएं भी � read more >>