Vipin Bansal 30 Mar 2023 कविताएँ प्यार-महोब्बत #उड़ान 55273 0 Hindi :: हिंदी
उम्र के आख़िरी पड़ाव पर
मुझे मिली पहचान है !
कोंई कहता कवि
कोंई समझता शायर
हम घर के कवि
घर के ही शायर
यह तुम्हारी मोहब्बतों की उड़ान है !
यह तुम्हारी मोहब्बतों की उड़ान है !
शब्दों के सांचों में दर्द को ढ़ाला है !
रचनाओं की ज़मीं पर अश्कों को पाला है !
ढहती दीवार के साए में
मेरी रचनाओं का ये मकान है !
कुछ नहीं मेरी जिंदगी, बेजार है !
अब कहाँ बची इतनी जान है !
तुम्हारी हौसला अफजाई मेरी उड़ान है !
यह तुम्हारी मोहब्बतों की उड़ान है !
गम, अश्क, दर्द मेरी पहचान है !
कलम ही हमदम, कलम ही यार है !
मुफ़लिसी में गुजारे दिन मैंने
लेखनि की दौलत बेशुमार है !
इस फकीर की झोली में
यारों तुम्हारा ही प्यार है !
तुमसे मिले हौसलों की ये उड़ान है !
यह तुम्हारी मोहब्बतों की उड़ान है !
विपिन बंसल