था कर गुज़रने का जज़्बा, ज़िंदगी पल भर की।
अग्नि में तपकर एक लोहा, फाल बन गया हल की।
धरती के दामन के संग, कृषक का हमराही।
घिस -घिसके घिस ग� read more >>
दिमाग़ ही लगाते रहोगे, तो जीवन कब जीओगे?
अच्छा हो गया, तो कैसे हुआ सोचते हो।
बुरा हुआ तो, ईश्वर को कोसते हो।
वक़्त ठीक हो, तो और ज़्यादा भ� read more >>
मन के सच्चे, मनमौजी, अलमस्त बेगाना। नीचे सोते, बिस्तर से उठते, मां का जबरन नहलाना।
मिठाई मन की मुराद, खाने की न देर।
खिलौना पूंजी आगे, कह� read more >>
जीवन एक इंद्रधनुष, सतरंगा दीदार ।
इन रंगों से एक आभा, ये जीवन का सार। जन्म लेना एक दिन का, एक दिन का मरना।
इन दो दिनों के बीच बहता, जीवन र� read more >>