सही- गलत, गर्हित , सहल हो लिए साथ।
मूसलधार हो रही, छल-छंद की बरसात।
कठिनाइयां कह रही, तू डाल मैं पात।
अवसर तुझसे कह रहे, नाप तेरी औक़ात।
छ� read more >>
फंसाने को, हर जगह है दाना -पानी।
यह दुनिया, बड़ी चूहेदानी।
हर जगह, बिखरा कपट- कण।
पल-पल, क्षण- क्षण।
सेज हो, चाहे रण।
दिखती बटेर, निकलता फण read more >>
किसी को नाम, किसी को लाभ, कोई मरा गुमनाम।
किसी पर पूरा देश रोया, किसी पर मचा गिद्ध क़ोहराम।
बंटे बताशे, फला-फूला, मिटा नींव बन जाने को।
आ� read more >>
सच्ची है, नहीं तकिया- कलाम।
गुलामी, तुझे सलाम।
कोई धर्म का, कोई कर्म का, कोई शर्म का गुलाम है।
कोई आदत का, कोई मत का, कोई हरम का गुलाम है।
क read more >>
कुछ रास्ते, रिश्तों को कुचल गए।
कुछ मैं, कुछ मेरे दोस्त बदल गए।
गलियों वाले, सड़कों पर चक्कर काट रहे।
सूरे- पूरे बन गए, जो कभी पौने आठ रह� read more >>
होगा कोई, होगा जैसा।
मैं तो वही हूं, वैसा का वैसा।
बनाता होगा कोई, बुर्ज -ए-खलीफ़ा।
मैं तो प्रेम तृण से नीड़ बना, त्याग गारे से लीपा।
जीत� read more >>