तू मंजिल है मैं किनारा ।
तू साथ दे या ना दे हमारा ।।
चल कहीं दूर चले ।
मंजिल के पीछे हम क्यों परे ।।
मत कर इधर उधर की बात ।
तो मंजिल कभी � read more >>
बारिश के बाद मिट्टी की ओ सौंधी- सौंधी खुशबू
मन को आनंद विभोर कर देती है
उसमें तितली , टिड्डो का झूम के नाचना
मेंढ़कों के टर - टर कर बारिश � read more >>
मेरे हृदय में तुम हो -
पर मेरे प्रेम से अलक्षित तुम हो ,
तारों से झिलमिलाता आसमान ;
अंग - अंग में तेरी प्रेम का पहन - वसन -
मुस्कान तेरी चाँ� read more >>
छोटे से एक मकान में मां बेटे रहते थें, मां का नाम मधुरिमा और बेटे का नाम सोहन था । वहीं पास के एक गांव चंदापुर में मां एक सरकारी स्कूल में read more >>