रक्षाबंधन एक ऐसा त्यौहार है जिसका कोई मजहब नहीं होती ,कोई धर्म नहीं होती, ऊंच- नीच नहीं होती,कोई बड़ा - छोटा नहीं होता यह तो एक ऐसा अटूट र� read more >>
एक ड्राइवर प्रतिदिन अपने साहब को ऑफिस से लेकर घर तक छोड़ने जाता था, पर रास्ते के बीच में एक स्ट्रीट लाइट के पास साहब के कहने पर रुक जाता � read more >>
तुम चुप ही रहना
कहने से खुल जाएगा भेद मन का । तुम चुप ही रहना
हंसी ओढ़ लेना, स्मृति में रख लेना, अकेलेपन से लड़ते हुए कभी विचलित न होना
अ� read more >>
इस उम्र का मंजर कुछ ऐसा है,
कि सब कुछ याद रखने वाला मैं अब बहुत कुछ भूलने लगा हूं, छोटी-मोटी परेशानियों से कई दफा झूझने लगा हूं।
शांत रहन� read more >>
मुख चमका न्यू चांद चमक रहा र गोरी ले छतरी की ओट बरस रहा र, गोरी ले छतरी की ओट बरस रहा रे -२
तेरी ठोडी ऊपर काला तिल जच रहा र-२
"सामण महीना आ� read more >>