Ranjana sharma 30 Mar 2023 कविताएँ अन्य Google 84500 1 5 Hindi :: हिंदी
बारिश के बाद मिट्टी की ओ सौंधी- सौंधी खुशबू
मन को आनंद विभोर कर देती है
उसमें तितली , टिड्डो का झूम के नाचना
मेंढ़कों के टर - टर कर बारिश को बुलाना
सूखे पेड़ - पोधों का फिर से लहराना
उस पर सुंदर - सुंदर फूलों का मुस्कुराना
देखकर मन पुलकित हो उठती है
बिजली का चमकना और गरजना
बारिश के बूंदों का टप - टप गिरना
शीतल हवा का बदन को तेजी - से छू के चले जाना
बारिश में छातो का फिर से खुल जाना
उस में गर्म - गर्म पकोड़े का मजा लेना
उफ़ ! ऐ बारिश का
यूं काले बादलों में घुमड़ कर आना
देखकर मन बाग - बाग हो उठती है ।
धन्यवाद
3 years ago