जब मैं छोटा था, मेरे पांव कितने मासूम थे, पर मैं चलना सीखता था, कभी गिरता था कभी संभलता था, और जब थक जाता था, तब मां के आंचल में, छिप जाता था, read more >>
कोई भी प्राणी कि जब उत्पत्ति होती है, तो उसमें चेतना का समावेश होता है, हम अपनी चेतना को, साक्षात रुप से नहीं देख सकते, लेकिन उसे हम अपनी � read more >>
T हमने तुम्हारे साथ, बस कुछ ही कदम, तो साथ साथ चले थे, और मैं तुम्हें जिंदगी भर के लिए अपना जीवनसाथी चुन लिया है, हमने तो अपने देश के लिए, बस read more >>
मुझे गर्व है कि_ मैं गांव का निवासी हूं, और मेरे पिताजी किसान हैं, अपने खेतों से, कुछ इस कदर किसान जुड़ा रहता है, जिसका हम तुम, कल्पना भी � read more >>
यह घटना लगभग, 2007 की है, तब मैं छोटा था,, ए घटना मेरे घर के बगल की है, मैं इसे अब तक भी भुला नहीं पाया हूं, वह पार्वती चाची_ उनकी तीन बेटियां थी, � read more >>
जब मैं सारा दिन कार्य करके, थक जाता हूं तो, जब कार्यों में मिलने वाली निंदा से, मेरा मनोबल टूट जाता है, सारा दिन दुख और चिंता और थकान, के म� read more >>
मेरी रचना, तुम मुझे माफ कर देना, मैं तुम्हारा बहुत बड़ा अपराधी हूं,, हाय मैं कितना निर्दई हूं, कि मैंने अपनी पत्नी को, अपने घर से निकाल दि read more >>
जो मेरा लक्ष्य है, किसी कार्य का एक सेंटर प्वाइंट आता है, जिसे मुझे अपने मन में, बसाना, ही होगा,, हां मैं अपने कल्पनाओं में, अपने कार्य क� read more >>
प्रसन्न रहना सीखो, मैं जानता हूं हम सारा दिन, प्रसन्न नहीं रह सकते, मेरे मन में, चिंता समा जाती है, जब चिंता समा जाती है तो,, मेरे दिल में � read more >>