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Shubham Kumar

Shubham Kumar

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@ shubham-kaumr
, Bihar

Mujhe likhna Achcha lagta hai, Har Sahitya live per Ham Kuchh Rachna, prakashit kar rahe hain, pahle Rachna, Hamari Rashtra Gaan all Sanskriti,

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इस इस विषय में, यहां पर हमारा प्रमुख विषय है_ ब्राह्मण_ और छत्रिय, इन दोनों ने_ मिलकर जो, हिंदू धर्म, को बदनाम किया है_ यूं कहिए_ उन्होंने अ� read more >>
पोपट जिले से थाना प्रभारी[ मजनू दास] के थाने में अभी-अभी एक आदमी[ बैठा है] वह रिपोर्ट लिखाने जाते हैं< देखिए माय बाप[ मेरे पास 2000 रुपया थ read more >>
एक लड़का था जो हमारे साथ ही, स्कूल में ,पढ़ता था, वह पढ़ने में होशियार था_ एक दिन वह_ निजी कुछ लालच के कारण_ मारा जाता है_ यह कहानी कुछ इसी प� read more >>
जब मैं छोटा था तब मेरी मां, मुझे नींद नहीं आती, तब मुझे यह लोरी, गाकर सुनाती थी_ चंदा मामा दूर के पूरी पकावे भीड़ के. अपने खाए थाली में, मु read more >>
मिस्टर बंडू लाल-( कटघरे में खड़े हैं) चंपू जी उनका वकील है,( सामने जज महोदय भोंदू दास) केस चल रही है चीनी चोरी की_( हमारे खटपटिया) थाने का द read more >>
चित्रगुप्त की डायरी में, एक इंसान का जिक्र है, दरबार लगा हुआ है, सामने ही धर्मराज, सिंहासन पर बैठे हुए हैं, कुछ लोगों की कतार लगे हुए हैं, � read more >>
यह घटना लगभग 30 वर्ष पहले की है, मेरी दादी मां सुनाया करती थी _ बिहार के पंचानवे नदियों में से, एक नदी सकरी भी है, जिन की महिमा यह है कि_ गर्म read more >>
शाम हो चुकी है, सूरज भी ढल चुका, हल्की हल्की अंधेरा होने वाली है, तभी एक महिला, हाथ पांव धोकर, अच्छी कपड़े पहन कर, हाथ में घी का दीपक, लिए � read more >>
मैं आज अंतिम सांसे गिन रहा हूं! मेरे बगल में, मेरे साथी लहूलुहान, पड़े हैं_ बर्फीली चट्टानों से हम लोग आसपास में_ हमारी शरीर पड़ा read more >>
मैं कितना नाजुक था, चलते चलते कभी मुंह के बल गिरता था, तब मेरे पिताजी, अपने हाथ देते थे, मैं उनकी अंगुलियां पकड़ कर, चला करता था, मैं जब भी � read more >>
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